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Such an amazing opportunity to thank all of the beautiful, wonderful, charming women out there! Thank you for making life possible, thank you for being so different and strong! Happy Women’s Day!
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6) talk, talk and talk
जितना हो सके इंग्लिश मे बात करे। अगर आपको शर्म महसूस होती है तो आप उनसे भी बात कर सकते है जिन्हे बिलकुल इंग्लिश नहीं आती। इस से आप कोई शर्म भी महसूस नहीं करेंगे क्योकि जो आप बोल रहे है उसे वैसे भी कुछ समझ आने वाला नहीं है। उसे लगेगा की आप फराटेदार इंग्लिश बोल रहे है। इससे आप की प्रैक्टिस भी हो जायगी, झिजक भी निकल जायगी और confidence भी बड़ेगा। साथ ही उन लोगो से थोड़ी दूरी बनाए जो आपको demotivate करते है। 7) talk to customer care ये के funny लेकिन useful आइडिया है। तरह तरह के customer cares के टोल फ्री नंबर की एक लिस्ट बना सकते है और उनसे इंग्लिश मे बात करते है। न ही वो आपकी कोई कमी निकालेंगे और न ही आपका फोन काटेंगे। इससे आपका confidence बड़ेगा। 8) Don’t Be Afraid to Make Mistakes अगर आपको लगता है की बोलते समय आपसे गलतियाँ हो रही है तो इससे घबराए नहीं। अगर आपसे गलतियाँ नहीं हुई तो इसका मतलब है की आपने कुछ सीखा ही नहीं। इसलिए अंगेजी मे बातचीत करते वक्त यह मत सोचे की आपने सही tense का use किया है या नहीं, word गलत तो नहीं बोल दिया etc etc. ये सब चीजे टाइम के साथ अपने आप सुधर जायगी। 9) Don’t Be perfectionist अंत मे इस बात का ध्यान रखे की शुरुआत से ही perfectionist बनने की कोशिश न करे। लगभग सभी लोग पहले दिन से चाहते है की वो एकदम से perfect हो जाए, फटाफट अँग्रेजी बोलने लगे जो की गलत रवैया है। पहले मैच से सचिन तेंदुलकर भी महान नहीं बने और शुरुआत से अमिताभ बच्चन भी फ़ेमस नहीं हुए। शुरुआत से एक दम सही और फटाफट इंग्लिश बोलने (English speaking) के चक्कर मे लोग हड्बड़ा जाते है और कुछ नहीं बोल पाते। और फिर खुद पर शर्म महसूस करते है। इसलिए आराम आराम से बोले।
काफी दिक्कत होती है और उसे इसमे काफी ध्यान देना होता है लेकिन एक समय ऐसा भी आता है की जब आपका दिम…
काफी दिक्कत होती है और उसे इसमे काफी ध्यान देना होता है लेकिन एक समय ऐसा भी आता है की जब आपका दिमाग ड्राइव करते वक्त नहीं होता लेकिन फिर भी आसानी से ड्राइविंग करते रहते है क्योकि आपका दिमाग बिना किसी conscious attention क भी automatic processing करता रहता है। 4) don’t think about vocabulary सामान्य रूप से इंग्लिश मे बातचीत करने के लिए 1000 से 1500 words की जरूरत होती है बाकी धीरे धीरे experience के साथ आते रहते है। इसलिए बेवजह words को रटने की आदत छोड़े। हाँ अगर आप किसी competitive exam की तैयारी कर रहे है तो अलग बात है। इसमे आपको vocabulary की जरूरत पड़ती है लेकिन अगर आपका motive इंग्लिश बोलना (English speaking) है तो इस पर ध्यान न दे। 5) Movie, serials, commentary or magazine किसी भी चीज को सीखने के लिए सबसे जरूरी चीज की जरूरत होती है तो वो है एक अच्छा माहौल। कई लोग इस बात का भी रोना रोते है की उन्हे अँग्रेजी भाषा को सीखने का माहौल नहीं मिल पाया। अगर माहौल नहीं मिल पाया तो वो आपकी किस्मत है लेकिन उस माहौल को बनाने की कोशिश न करना आपकी बेवकूफी है। माहौल यानि की एक environment मे वो सभी चीजे आ जाती है जो आपको कुछ सिखाने मे मदद करे। अगर अच्छी तरह से इंग्लिश मे बातचीत करना सीखना चाहते है तो फिर कुछ समय के लिए इंग्लिश मे ही फिल्मे देखना, टीवी सीरियल्स, न्यूज़ देखना शुरू कर दे। इसके साथ साथ इंग्लिश मे ही newspaper और magazines पढ़ना start कर दे। अगर आपको क्रिकेट या कोई ओर स्पोर्ट्स पसंद है तो उसकी commentary इंग्लिश मे जरूर सुनिए। इसी को माहौल कहते है जो आपको खुद बनाना होगा। हो सकता है starting मे थोड़ा बोर लगे लेकिन बीच मे न छोड़े। 2-3 महीनो तक लगातार करें। progress आप खुद देख स
उसे grammar नहीं सिखाई जाती । यहाँ तक की आज भी हम हिन्दी मे भी सही grammar का इस्तेमाल नहीं करते।
ऐसा नहीं है की इंग्लिश grammar का कोई महत्व नहीं है लेकिन अगर आप इंग्लिश बोलना सीखना चाहते है तो इसका महत्व कम हो जाता है। grammar की importance exams मे ज्यादा होती है। लगभग 95% लोग grammatically correct इंग्लिश नहीं बोलते इसलिए इसपर ज्यादा ज़ोर न दे। 2) लोग क्या सोचेंगे बहुत से लोग इस बात से डर के या शर्म की वजह से दूसरों के साथ इसलिए इंग्लिश मे बात नहीं करते क्योकि उन्हे लगता है की अगर उन्होने कोई लाइन गलत बोल दी या grammar का सही से use नहीं किया या कोई गलत word बोल दिया तो लोग उनका मज़ाक उड़ाएंगे। लेकिन असली मे ऐसा होता नहीं है। हर किसी के मन मे अपने लिए insecurity की भावना रहती है इसलिए ये सोचना बंद कर दे। जो आता है उसे खुलकर बोले। नवजोत सिंह सिधु के भाषा मे बोला जाए तो – दुनिया का सबसे बड़ा रोग क्या सोचेंगे मेरे बारे मे लोग। यह एक बीमारी की तरह है जो आपके रास्ते का सबसे बड़ा काँटा है। 3) think in English आप मे से बहुत से लोग जो इंग्लिश बोलना (English speaking) चाहते है लेकिन एक गलती कर देते है। वो गलती है मन मे हिन्दी to English translation करना और फिर जवाब देना। इसकी वजह से आपका दिमाग automatic processing नहीं कर पाता। इसलिए मन मे हिन्दी के बजाय इंग्लिश मे सोचना शुरू करे फिर चाहे वो grammatically गलत क्यो न हो। शुरुआत मे यह काम थोड़ा बोर या मुश्किल भी लग सकता है लेकिन धीरे धीरे आपका दिमाग इसे एक आदत की तरह लेने लगेगा। और एक समय ऐसा आयगा जब हिन्दी की तरह इंग्लिश मे भी जवाब automatically आएगा। उदहारण के तौर पर – जब कोई इंसान ड्राइविंग सीखता है तो शुरू शुरू मे तो काफी दिक्कत
How to learn English
आज के दौर मे इंग्लिश सिर्फ भाषा ही नहीं उससे कुछ बड़ कर है। ऐसा नहीं है की इंग्लिश आपकी योग्यता या इंटेलिजेंस का कोई पैमाना है लेकिन फिर भी इंटरनेशनल language होने की वजह से इसका महत्व अपने आप बढ़ जाता है। गाँव हो या शहर आज हर कोई चाहता है की वो अच्छी इंग्लिश बोले। अगर कोई इंसान आपसे कम intelligent है या कम talented है लेकिन इंग्लिश बोलना (English Speaking) जानता है तो वह दूसरों की नजरों मे आपसे ज्यादा talented दिखाई देता है। यह पैमाना कही से भी सही नहीं है लेकिन यह इस समय की एक कड़वी सच्चाई है। स्कूल चाहे government हो या private English तो सभी को पढ़ाई जाती है लेकिन फिर भी government स्कूल से पढे बच्चे इस मामले मे थोड़ा पीछे रहे जाते है। इसका कारण simple सा है – सही महोल न मिल पाना। ऐसा नहीं है की वे इंग्लिश समझ नहीं पाते या फिर उन्हे इंग्लिश बिलकुल नहीं आती लेकिन दिक्कत होती है सिर्फ दूसरों के साथ इंग्लिश मे बात करने की। इंग्लिश बोलना और इंग्लिश समझना दो अलग अलग बाते है। तो चलिये देखते है की आप क्यो इंग्लिश नहीं बोल बाते और इसमे कैसे सुधार कर सकते है: ENGLISH SPEAKING TIPS – HOW TO LEARN SPOKEN ENGLISH THROUGH HINDI 1) don’t think about grammar ज़्यादातर लोग जिनकी पहली भाषा हिन्दी है या कोई दूसरी है और वे इंग्लिश मे बात करना सीखना चाहते है लेकिन कोशिशों के बाद भी ठीक से सफल नहीं हो पाते। ऐसा क्यो? क्योकि वे English grammar को सीखने पर ज्यादा focus करते है और इंग्लिश grammar के rules मे फस कर रह जाते है। जब कोई बच्चा जन्म लेता है तो वह कोई भी भाषा बोलना नहीं जानता लेकिन धीरे धीरे अपने आस पास की भाषा को सुनता है और उस भाषा को बोलना सीख जाता है।
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समाज के आर्थिक रूप से कमजोर व निसहाय बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने के क्षेत्र में *The English F…
समाज के आर्थिक रूप से कमजोर व निसहाय बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने के क्षेत्र में *The English Factory Institute of Purnea* की एक बहुत बड़ी सराहनीय कदम। बीते रविवार दिनांक 15 फरवरी 2020 को अररिया जिला क्षेत्र अंतर्गत वरसों से शिक्षा व समाजसेवा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाते चले आ रहे *Head Held High* शिक्षण संस्थान जो समाज में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर व निसहाय बच्चों को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने को लेकर नि:शुल्क शिक्षा से लेकर अर्थोपार्जन तक के परिणामों को साकार करती चली आ रही है, जिसमें समाज के वैसे बच्चों को विषेशकर शामिल किया जा रहा है जिनका पारिवारिक स्थिति अच्छी नही हो अर्थात आर्थिक रूप से कमजोर हो, वैसे परिवारों के होनहार बच्चों को पिछ्ले कई वरसों से उनके उज्ज्वल भविश्य के उत्थान को लेकर अनेकों प्रयास किए जा चूके हैं जो सफलता की कई बुलंदियों को छुते हुए शिखर पर पहुच चुकी है। और अब उस आर्थिक रूप से कमजोर व निसहाय बच्चों के हाथों को और मजबूत करने व उन्हें पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन हाथों को एक और मजबूत हाथ का साथ मिल चुका हैं। पूर्णियांँ के धरती पर विगत कई वरसों से शिक्षा व व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में अलख जगा रहे *The English Factory जो अबतक नजाने कितने ही बच्चों को उनके जिवन में उन्हें आत्मनिर्भर व अर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करने को लेकर प्रयास करते चले आ रहे हैं और सफलता की अनगिनत मुकाम को हासिल कर चूके हैं।