6) talk, talk and talk
जितना हो सके इंग्लिश मे बात करे। अगर आपको शर्म महसूस होती है तो आप उनसे भी बात कर सकते है जिन्हे बिलकुल इंग्लिश नहीं आती। इस से आप कोई शर्म भी महसूस नहीं करेंगे क्योकि जो आप बोल रहे है उसे वैसे भी कुछ समझ आने वाला नहीं है। उसे लगेगा की आप फराटेदार इंग्लिश बोल रहे है। इससे आप की प्रैक्टिस भी हो जायगी, झिजक भी निकल जायगी और confidence भी बड़ेगा। साथ ही उन लोगो से थोड़ी दूरी बनाए जो आपको demotivate करते है। 7) talk to customer care ये के funny लेकिन useful आइडिया है। तरह तरह के customer cares के टोल फ्री नंबर की एक लिस्ट बना सकते है और उनसे इंग्लिश मे बात करते है। न ही वो आपकी कोई कमी निकालेंगे और न ही आपका फोन काटेंगे। इससे आपका confidence बड़ेगा। 8) Don’t Be Afraid to Make Mistakes अगर आपको लगता है की बोलते समय आपसे गलतियाँ हो रही है तो इससे घबराए नहीं। अगर आपसे गलतियाँ नहीं हुई तो इसका मतलब है की आपने कुछ सीखा ही नहीं। इसलिए अंगेजी मे बातचीत करते वक्त यह मत सोचे की आपने सही tense का use किया है या नहीं, word गलत तो नहीं बोल दिया etc etc. ये सब चीजे टाइम के साथ अपने आप सुधर जायगी। 9) Don’t Be perfectionist अंत मे इस बात का ध्यान रखे की शुरुआत से ही perfectionist बनने की कोशिश न करे। लगभग सभी लोग पहले दिन से चाहते है की वो एकदम से perfect हो जाए, फटाफट अँग्रेजी बोलने लगे जो की गलत रवैया है। पहले मैच से सचिन तेंदुलकर भी महान नहीं बने और शुरुआत से अमिताभ बच्चन भी फ़ेमस नहीं हुए। शुरुआत से एक दम सही और फटाफट इंग्लिश बोलने (English speaking) के चक्कर मे लोग हड्बड़ा जाते है और कुछ नहीं बोल पाते। और फिर खुद पर शर्म महसूस करते है। इसलिए आराम आराम से बोले।